यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने काला सागर में रूसी बंदरगाहों की ओर जाने वाले विदेशी जहाजों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। यूक्रेन ने भारत समेत अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदार देशों से क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है।
यूक्रेनी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि 2025-2026 के दौरान काला सागर और आजोव सागर में रूस के हमलों में कई नाविक, समुद्री पायलट और व्यापारी जहाजों के क्रू सदस्यों की जान जा चुकी है। इन हमलों में पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और यूक्रेन के समुद्री एक्सपोर्ट कॉरिडोर का इस्तेमाल करने वाले जहाज भी निशाना बने हैं।
भारत को सीधा संदेश
भारत में यूक्रेन के दूतावास ने कहा कि रूस की आक्रामक कार्रवाइयों के कारण नागरिक जहाजों पर मंडरा रहे खतरों को समय पर एहतियाती चेतावनी देकर कम किया जा सकता है। दूतावास ने भारत सरकार के समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DG Shipping) द्वारा 23 जुलाई 2026 को जारी सर्कुलर-41 का संज्ञान लिया, जिसमें काला सागर में परिचालन करने वाले भारतीय जहाजों और नाविकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया गया था।
यूक्रेन ने अपने साझेदार देशों, जिनमें भारत के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, को लगातार रूस की कार्रवाइयों से बढ़ते समुद्री खतरों के बारे में आगाह किया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर काला सागर में सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करने का प्रस्ताव दिया है। बयान में भारतीय नाविकों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की गई है।
यूक्रेन की मांग
यूक्रेन ने कहा कि समुद्री सुरक्षा बहाल करने का एकमात्र टिकाऊ तरीका रूस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाना है, ताकि वह नागरिक जहाजों पर हमले बंद करे। इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के मंच पर भी उठाया गया है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब काला सागर में रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते समुद्री नौवहन की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गया है।