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इन देशभक्ति गीतों से मनाएं आजादी का पर्व, हर दिल में जगेगा राष्ट्रप्रेम

Posted on: 2026-08-15
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इन देशभक्ति गीतों से मनाएं आजादी का पर्व, हर दिल में जगेगा राष्ट्रप्रेम

स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन असंख्य वीर सपूतों के बलिदान का प्रतीक है, जिनके संघर्ष से हमें आजादी मिली थी। हर साल इस अवसर पर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत गीत वातावरण में नई ऊर्जा और उत्साह भर देते हैं। ये गीत देश की एकता, अखंडता और शान का संदेश देते हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम आपको ऐसे ही कुछ ऐसे गानों के बारे में बताएंगे, जो आपको राष्ट्र के गौरव, एकता और जिम्मेदार नागरिक होने का संदेश भी देते हैं।

हम लाए हैं तूफान से कश्ती निकाल के इस देश को रखना - यह प्रसिद्ध गीत फिल्म जागृति का एक अमर गीत है, जिसे गीतकार प्रदीप ने लिखा और संगीत हेमंत कुमार ने दिया था। इसे मोहम्मद रफी ने अपनी जादुई आवाज से गाया था। यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के भारी बलिदानों को याद दिलाता है। साथ ही, देश के बच्चों और युवाओं को देश का भविष्य बताया गया है और उनसे आग्रह किया गया है कि वे इस देश की एकता, अखंडता, और इसकी आजादी की रक्षा पूरी सावधानी से करें।


ऐ मेरे वतन के लोगों - इस प्रसिद्ध को महान कवि कवि प्रदीप ने लिखा था, सी. रामचंद्र ने संगीतबद्ध किया था और स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। 1962 के भारत-चीन युद्ध में देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले वीर सैनिकों को समर्पित गीत की प्रस्तुती पहली बार लता मंगेश्कर ने 27 जनवरी 1963 को नई दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर की थी। इस दौरान मंच पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन मौजूद थे। गौरतलब यह है कि लता मंगेशकर ने गाने के इस कदर गाया था कि इसे सुनकर पंडित जवाहरलाल नेहरू की आंखें नम हो गई थीं।


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