बिजनेस: सरकार ने एक नए सरकारी नोटिफिकेशन के जरिए पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इस फैसले के तहत पेट्रोल एक्सपोर्ट पर विंडफॉल गेन टैक्स लगाया गया है, जबकि डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कमी की गई है। नोटिफिकेशन के अनुसार, पेट्रोल एक्सपोर्ट पर विंडफॉल गेन टैक्स 3 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और घरेलू आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
वहीं, सरकार ने डीज़ल एक्सपोर्ट पर लगने वाली लेवी में भी कटौती की है। पहले यह 23 रुपये प्रति लीटर थी, जिसे घटाकर अब 16.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इस बदलाव से डीज़ल के निर्यात पर लागत में कमी आने की संभावना है। इसके अलावा, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी राहत दी गई है। ATF एक्सपोर्ट ड्यूटी को 33 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इस फैसले से विमानन ईंधन के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और घरेलू जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात और घरेलू आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि देश में ईंधन की उपलब्धता पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। विंडफॉल टैक्स का उद्देश्य उन अतिरिक्त मुनाफों पर नियंत्रण रखना होता है, जो अंतरराष्ट्रीय कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के कारण कंपनियों को प्राप्त होते हैं। वहीं, डीज़ल और ATF पर ड्यूटी में कटौती से निर्यातकों को राहत मिलने और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और राजस्व संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। फिलहाल, तेल कंपनियां और निर्यातक इस बदलाव के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। आने वाले समय में इसका असर पेट्रोलियम व्यापार और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन पर देखने को मिल सकता है।