मझारणु। जोगिंद्रनगर का मझारणु एकाएक फिर से सुर्खियों में आ गया है। इसका कारण यह है कि कांग्रेस दिग्गज ठाकुर सुरेंद्र पाल का बेटा राम चंद्र पाल पहली बार पंचायत चुनाव लड़ कर प्रधान बना है। राम चंद्र पाल ने अपने जीवन का यह पहला चुनाव लड़ा है। प्रधानगी का ताज पहनते ही राजनीतिक बेडियों को तोड़ते हुए पोता भाजपा दिग्गज गुलाब सिंह ठाकुर के घर पंहुचा है और पैर छूकर आशीर्वाद लिया है।
मझारणु की दहलीज को चुनावी जीत ने कोई 13 सालों के बाद लांघा है। लोक निर्माण मंत्री रहते गुलाब सिंह ठाकुर और सुरेंद्र पाल ठाकुर से चुनावी जीत इस कद्र रूठी रही कि दोनों परिवारों को ही सियासी हाशिए पर धकेल दिया। नेरघरवासडा पंचायत से प्रधान के लिए राम चंद्र पाल ने किस्मत अजमाई तो मतदाता ने हाथों हाथ उन्हें जीत थमा दी। यह पहला मौका है कि मझारणु की सियासी चौखट लांघ कर एक और पीढी सियासी सीढ़ी के सहारे सत्ता तक जाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले गुलाब सिंह ठाकुर और उसके बाद सुरेंद्र पाल ठाकुर चुनावी वैतरणी के सहारे सत्ता के र्शीष पर रहे हैं। नेरघरवासडा पंचायत में 28 मई को मतदान हुआ है। इस पंचायत में कुल सात वार्ड हैं और 21 सौ के करीब मतदाता हैं।
दूसरे चरण के पंचायत चुनावों के दौरान यहां मतदान हुआ है। इसमें राम चंद्र पाल को कुल 605 मत प्राप्त हुए हैं और उनके निकटतम प्रतिद्वंदी विशाल को 345 ही मत मिले हैं। कांग्रेस के सुरेंद्र पाल ठाकुर कहते हैं बेटे राम चंद्र पाल ने अपनी मर्जी से प्रधान का चुनाव लड़ा है। यह राजनीतिक चुनाव नहीं हैं। पूरा परिवार बीते 50 सालों से समाजसेवा में लगे हैं। लोग हमारे परिवार को जानते हैं। प्रधान का चुनाव जीतना लोगों की आशाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी है।