महाराष्ट्र: मुंबई के वेस्टर्न सबअर्बन कॉरिडोर पर गोरेगांव और मलाड के बीच रेलवे की जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की मुहिम चल रही है। कोर्ट के आदेश के बाद रेलवे प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की है, जिसके तहत दर्जनों अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है। यह कार्रवाई पूर्वी दिशा में किलोमीटर मार्कर 28/3 और 28/6 के बीच की जा रही है। इस क्षेत्र में लंबे समय से रेलवे की जमीन पर पक्के और अस्थायी (टेम्पररी) ढांचे बने हुए थे, जिन्हें अब हटाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन का उद्देश्य रेलवे की लगभग 1,500 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह जमीन महत्वपूर्ण रेलवे कॉरिडोर का हिस्सा है और यहां अतिक्रमण के कारण न केवल सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा था, बल्कि भविष्य में विकास कार्यों में भी बाधा आ रही थी।
इसी कारण अदालत के निर्देश के बाद इस क्षेत्र में सख्त कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। अधिकारियों की देखरेख में जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध ढांचों को ध्वस्त किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया कोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है और किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रह सकती है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कॉरिडोर मुंबई की लाइफलाइन माने जाने वाले उपनगरीय रेल नेटवर्क का हिस्सा है, जहां हर दिन लाखों यात्री यात्रा करते हैं।
ऐसे में रेलवे की जमीन पर अनधिकृत कब्जा न केवल संचालन को प्रभावित करता है, बल्कि सुरक्षा जोखिम भी बढ़ाता है। इस अभियान को रेलवे की संपत्ति संरक्षण और यात्री सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि खाली कराई गई जमीन का उपयोग भविष्य में रेलवे के विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जहां भी रेलवे भूमि पर अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।