बीजापुर
। प्रधानमंत्री
ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के
तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है
कि तराईपारा से तुमनार तक सड़क निर्माण कार्य के लिए वन एवं राजस्व भूमि से बिना
सुकमा के ठेकेदार द्वारा बगैर वैध अनुमति के मिट्टी और मुरुम का उत्खनन किया जा
रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित ठेकेदार रॉयल्टी और अन्य वैधानिक
प्रक्रियाओं से बचने के लिए नियमों की अनदेखी कर प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर
रहा है।
पत्रकारों
के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश
मामले
को मीडिया द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद सुकमा की एसजेएच निर्माण कंपनी के
प्रतिनिधियों पर ग्रामीणों को पत्रकारों के खिलाफ भड़काने का आरोप लगा है। बताया
जा रहा है कि कुछ लोगों के माध्यम से यह प्रचारित किया जा रहा है कि पत्रकार सड़क
निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास कर रहे हैं तथा ठेकेदार से पांच लाख रुपये की
मांग कर रहे हैं। पत्रकारों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इसे खबरों से ध्यान
भटकाने की कोशिश बताया है।
पत्रकारों
का कहना है कि अवैध उत्खनन और निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों को उजागर करने के
कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। क्षेत्र में पूर्व में एक पत्रकार की हत्या
की घटना का हवाला देते हुए पत्रकारों ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
जानकारी के अनुसार,इसी ठेकेदार पर पूर्व में एक पत्रकार की निजी भूमि पर बिना अनुमति सड़क
निर्माण कराने का आरोप भी लग चुका है।उस समय विरोध दर्ज कराने पर कथित रूप से
ग्रामीणों को पत्रकार के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया गया था।
मामले में
अब यह सवाल उठ रहा है कि यदि मिट्टी-मुरुम उत्खनन के लिए सभी आवश्यक अनुमति,रॉयल्टी और अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं,तो संबंधित विभाग इन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे
हैं। वन विभाग और राजस्व विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ
कार्रवाई की मांग की है।उनका कहना है कि सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और
नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्य भी नियमानुसार
संचालित हो सकें।