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MP : मंडी टैक्स बढ़ाया, सरकार को सालाना 835 करोड़ का लाभ

Posted on: 2026-06-09
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मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में मंगलवार को मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई, जो राष्ट्रीय गीत \'वंदे मातरम\' के गायन के साथ शुरू हुई। बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें राजस्व बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया। कैबिनेट ने मंडी टैक्स में वृद्धि का निर्णय लिया है। अब राज्य में मंडी टैक्स की दर 1% से बढ़ाकर 1.5% कर दी गई है। इस बढ़ोतरी से सरकार को अनुमानित रूप से एक साल में लगभग 835 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।

सरकार का यह निर्णय बुनियादी ढांचे के विकास और गाय प्रजनन कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके अलावा, कैबिनेट ने कपास पर बाजार शुल्क में बदलाव की घोषणा की। अब कपास पर बाजार शुल्क एक रुपये से बढ़ाकर पचास पैसे प्रति गांठ कर दिया गया है।

इस कदम का उद्देश्य कृषि उत्पादकों और व्यापारियों के बीच उचित राजस्व वितरण सुनिश्चित करना और मंडी संचालन को अधिक पारदर्शी बनाना बताया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास और ग्रामीण कल्याण के लिए वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि मंडी टैक्स और बाजार शुल्क से जुटाई गई आय का इस्तेमाल प्राथमिक रूप से सड़क, जलापूर्ति, सिंचाई और कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा। इसके अलावा, गाय पालन और प्रजनन कार्यों के लिए भी अतिरिक्त फंड उपलब्ध होंगे, जिससे पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कैबिनेट ने यह भी जोर दिया कि नए टैक्स और शुल्क व्यवस्था का लाभ सीधे किसानों और व्यापारी समुदाय तक पहुंचे, और राज्य में व्यापार और कृषि गतिविधियों में कोई बाधा न आए। अधिकारियों ने बताया कि इस बदलाव के बाद मंडियों में लेन-देन अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से होगा। इस बैठक में अन्य विकास योजनाओं, कृषि कल्याण कार्यक्रमों और सामाजिक कार्यों पर भी चर्चा की गई। प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि राजस्व वृद्धि के उपायों से केवल सरकारी आय ही नहीं बढ़े, बल्कि किसानों और ग्रामीण जनता के जीवन स्तर में भी सुधार हो। इस प्रकार, मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय मजबूती और ग्रामीण विकास दोनों को ध्यान में रखते हुए मंडी टैक्स और बाजार शुल्क में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है।


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