एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर एक्शन में कलेक्टर महोबे, सहकारी समितियों का किया औचक निरीक्षण
Posted on:
2026-07-28
एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर एक्शन में कलेक्टर महोबे, सहकारी समितियों का किया औचक निरीक्षण
जांजगीर-चांपा, 28 जुलाई। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीद की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने तेजी बढ़ा दी है। धान विक्रय के लिए एग्रीस्टैक फार्मर आईडी पंजीयन अनिवार्य किए जाने के बाद जिले में कृषक पंजीयन और लंबित बकेट क्लेम के निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मंगलवार को जिले के पेंड्री और तिलई सहकारी समितियों में आयोजित शिविरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र किसानों का एग्रीस्टैक कृषक पंजीयन शत-प्रतिशत पूरा कराया जाए। साथ ही लंबित बकेट क्लेम प्रकरणों का भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान बेचने के लिए प्रत्येक किसान का एग्रीस्टैक फार्मर आईडी पंजीयन जरूरी है। जिन किसानों का पंजीयन नहीं होगा, वे धान विक्रय की प्रक्रिया से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने जिले के सभी कृषकों से अपील की है कि वे समय रहते एग्रीस्टैक पंजीयन जरूर कराएं।
उन्होंने शिविरों में किसानों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव में सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके लिए कोटवारों के माध्यम से किसानों को जानकारी देने और मुनादी कराने को कहा गया है। वहीं जिन किसानों के आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं हैं, उनके प्रकरणों का समाधान चॉइस सेंटर के माध्यम से कराने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सहकारी समितियों में किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
उन्होंने समितियों में साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने, किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और उर्वरकों का सुचारु वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
इसके अलावा कलेक्टर ने समितियों में रखे उर्वरकों के सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण की समीक्षा की। उन्होंने नैनो यूरिया के उपयोग और इसके लाभों के संबंध में किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए, ताकि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।
इस दौरान नोडल अधिकारी जिला सहकारी बैंक अमित साहू, अधीक्षक भू-अभिलेख विनय पटेल सहित कृषि, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।