Google Pay से किए जाने वाले सामान्य UPI पेमेंट पर कोई नया
चार्ज लागू नहीं हुआ है। हालांकि, हालिया कानून में UPI
पर Merchant Discount Rate (MDR) जैसे शुल्क
लगाने का रास्ता खोला गया है, इसलिए भविष्य में शुल्क
व्यवस्था बदलने की संभावना पर बहस तेज हुई है। क्या बदला है? लोकसभा ने Payment and Settlement Systems Act, 2007 में बदलाव को मंजूरी दी है, जिससे केंद्र सरकार को UPI
और कुछ अन्य डिजिटल पेमेंट पर शुल्क की अनुमति देने का अधिकार मिल
सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि अब हर GPay पेमेंट पर तुरंत
पैसे कटने लगेंगे।
फिलहाल
सरकार का स्पष्ट रुख है कि MDR का बोझ आम ग्राहक पर नहीं डाला जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने
कहा है कि संभावित MDR मर्चेंट्स पर लागू होगा, ग्राहकों पर नहीं। इसलिए दुकान पर ₹500 का सामान्य UPI
भुगतान करने वाले ग्राहक के लिए अभी कोई नया GPay ट्रांजैक्शन चार्ज घोषित नहीं हुआ है। फिर GPay पर
चार्ज की बात क्यों हो रही है? UPI के मौजूदा मॉडल में
मर्चेंट से MDR नहीं लिया जाता। नए कानूनी बदलाव से भविष्य
में इस तरह के शुल्क की अनुमति संभव हो सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक,
₹2,000 से कम के 95% से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन शुल्क से बाहर रखे जाने की संभावना पर भी चर्चा है। GPay
पर अभी कौन से शुल्क लग सकते हैं? सामान्य UPI
पेमेंट और कुछ दूसरी सेवाओं को अलग समझना जरूरी है। उदाहरण के लिए,
Google Pay की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक मोबाइल रिचार्ज पर
प्लेटफॉर्म फीस लग सकती है। वहीं UPI से मोबाइल रिचार्ज पर
अलग से convenience fee नहीं है, जबकि
कार्ड से भुगतान पर convenience fee लागू हो सकती है