आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस की दुनिया में निवेश की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। अब चिप दिग्गज Nvidia एआई सर्च स्टार्टअप Perplexity
में नए निवेश के लिए बातचीत कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक यह निवेश
Perplexity के नए इक्विटी फंडिंग राउंड का हिस्सा हो सकता है,
जिसमें कंपनी का वैल्यूएशन 30 अरब डॉलर से
ज्यादा आंका जा रहा है। हालांकि अभी कोई अंतिम सौदा घोषित नहीं हुआ है। The
Information ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से सबसे
पहले इस बातचीत की खबर दी। Reuters ने भी रिपोर्ट किया है कि
Nvidia निवेश पर चर्चा कर रही है, लेकिन
वह स्वतंत्र रूप से इन वार्ताओं की पुष्टि नहीं कर सका। इसलिए फिलहाल इसे बातचीत
के चरण में मौजूद संभावित निवेश के रूप में देखना चाहिए।
Perplexity की संभावित नई
वैल्यूएशन खास इसलिए है क्योंकि करीब एक साल पहले कंपनी का मूल्यांकन लगभग 20
अरब डॉलर था। अगर नया फंडिंग राउंड 30 अरब
डॉलर से ऊपर के मूल्यांकन पर पूरा होता है तो कंपनी की वैल्यू में एक साल के भीतर 50
प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। Perplexity ने खुद को पारंपरिक सर्च इंजन के विकल्प के तौर पर स्थापित करने की कोशिश
की है। इसका प्लेटफॉर्म यूजर के सवालों के जवाब जनरेटिव AI की
मदद से तैयार करता है और साथ में वेब स्रोत भी दिखाता है। कंपनी की स्थापना भारतीय
मूल के उद्यमी Aravind Srinivas समेत चार सह-संस्थापकों ने
की थी।
Perplexity के
प्रमुख निवेशकों में Nvidia के अलावा जेफ बेजोस और SoftBank
Group जैसे बड़े नाम शामिल हैं। Reuters के
मुताबिक CEO अरविंद श्रीनिवास ने कंपनी को 2028 तक शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की योजना की बात भी कही है। Perplexity
इससे पहले भी अपनी आक्रामक रणनीति के कारण चर्चा में रही है। अगस्त 2025
में कंपनी ने Google के Chrome ब्राउजर को खरीदने के लिए 34.5 अरब डॉलर की पेशकश कर
सबको चौंका दिया था। उस प्रस्ताव में Chromium को ओपन सोर्स
बनाए रखने और दो वर्षों में 3 अरब डॉलर निवेश करने का वादा
किया गया था। फिलहाल Nvidia और Perplexity के बीच चल रही बातचीत का अंतिम नतीजा सामने नहीं आया है। निवेश की
वास्तविक रकम भी सार्वजनिक नहीं हुई है। लेकिन अगर सौदा 30 अरब
डॉलर से अधिक के वैल्यूएशन पर पूरा होता है, तो यह Perplexity
के तेजी से बढ़ते कारोबारी मूल्य और AI सर्च
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का एक और बड़ा संकेत होगा।