इंटरनेशनल
कॉपर एसोसिएशन इंडिया ने गुरुवार को बताया कि वित्त वर्ष 2026 में भारत में तांबे (कॉपर)
की मांग 12 प्रतिशत बढ़कर 2,100 किलोटन
(KT) हो गई। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह बढ़ोतरी
इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव और निर्माण (कंस्ट्रक्शन)
क्षेत्रों से आई मजबूत मांग के कारण हुई है। वित्त वर्ष 2025 में, देश में तांबे की मांग 1,878 किलोटन थी। इंटरनेशनल कॉपर एसोसिएशन इंडिया (ICA इंडिया)
द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, \"वित्त वर्ष 2026
में भारत में तांबे की मांग सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 2,100 किलोटन हो गई, जो इसी अवधि में देश की 7.7 प्रतिशत GDP वृद्धि दर से काफी अधिक है। यह वृद्धि, वित्त वर्ष 2025
में दर्ज की गई 9.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के
मुकाबले और तेज हुई है।\" Apple Duo की लॉन्चिंग से पहले
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इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव और भवन निर्माण (कंस्ट्रक्शन)
क्षेत्रों की मुख्य भूमिका रही। एसोसिएशन ने बताया कि इन क्षेत्रों में तांबे का
इस्तेमाल तारों और केबलों, ट्रांसफॉर्मर, मोटरों, ऑटोमोटिव हार्नेस और इलेक्ट्रिकल व औद्योगिक
क्षेत्रों में काम आने वाले अन्य उत्पादों में होता है, जिससे
ये क्षेत्र तांबे की खपत के केंद्र बने हुए हैं। वित्त वर्ष 2026 में तांबे की अतिरिक्त मांग बढ़ाने में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र सबसे बड़ा
कारक रहा। देश की कुल तांबे की मांग में 22 प्रतिशत
हिस्सेदारी रखने वाले इस क्षेत्र में सालाना आधार पर 29 प्रतिशत
की वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2025 में सुस्त वृद्धि के बाद
ऑटोमोटिव क्षेत्र में भी तेजी आई। यात्री वाहनों, कमर्शियल
वाहनों और ट्रैक्टरों की अधिक बिक्री के चलते इस क्षेत्र से तांबे की मांग में 14
प्रतिशत का इजाफा हुआ।भवन निर्माण (कंस्ट्रक्शन) क्षेत्र, जो देश की तांबे की मांग में लगभग एक-चौथाई योगदान देता है, उसमें सालाना आधार पर नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई। अदाणी
ग्रुप का बड़ा ऐलान, विदेश में अदाणी का बड़ा निवेश प्लान प्रीमियम
हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, कमर्शियल रियल एस्टेट गतिविधियों और
लगातार हो रहे शहरीकरण के कारण बिल्डिंग वायर, पावर केबल,
कंस्ट्रक्शन हार्डवेयर और घरेलू सामानों (household
accessories) के लिए तांबे की मांग को बढ़ावा मिला। डेटा सेंटर
लगाने का काम अभी शुरुआती चरण में है और कुल मांग में इसका योगदान एक प्रतिशत से
भी कम रहा। इंटरनेशनल कॉपर एसोसिएशन इंडिया के प्रबंध निदेशक मयूर करमरकर ने कहा,
\"भारत की आर्थिक गतिविधियों में तेजी तांबे की बढ़ती मांग से
झलकती है। बुनियादी ढांचे, औद्योगीकरण और स्वच्छ ऊर्जा की ओर
बदलाव में निवेश को बढ़ावा देने वाली अनुकूल नीतियां, तांबे
की मांग को आगे भी बढ़ाती रहेंगी।\" इंटरनेशनल कॉपर एसोसिएशन इंडिया, \'कॉपर एलायंस\' का एक सदस्य है। यह \'इंटरनेशनल कॉपर एसोसिएशन लिमिटेड\' की भारतीय शाखा है,
जो 1959 में स्थापित एक प्रमुख गैर-लाभकारी
संगठन है और दुनिया भर में तांबे को बढ़ावा देने का काम करता है।