बंगाल की खाड़ी में बन रहे संभावित चक्रवाती तूफान के कारण पूर्वी भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की आशंका है। मौसम में इस बदलाव का असर पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड समेत आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। समुद्र के ऊपर बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर और मजबूत हो सकता है, जिससे कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के आधार पर संबंधित राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा सकती है। खासकर निचले इलाकों, नदी किनारे बसे क्षेत्रों और जलभराव की समस्या वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में समुद्र तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। यदि चक्रवाती सिस्टम मजबूत होता है, तो कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। वहीं बिहार और झारखंड में भी बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर जनजीवन बाधित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। किसानों को भी खेतों में खड़ी फसलों और कटाई के लिए तैयार उपज को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 अक्टूबर 2026 की सुबह तक बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके प्रभाव से 27 अक्टूबर से ओडिशा में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जबकि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। बिहार में 30 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान भी जताया गया है। झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर को गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका है