नई दिल्ली, 27 अक्टूबर मेटल कोर वायर्स, वेल्डिंग रॉड्स और गॉजिंग इलेक्ट्रोड्स सहित वेल्डिंग कंज्यूमेबल्स का निर्माण करने, वेल्डिंग स्पेयर पार्ट्स व एक्सेसरीज की आपूर्ति करने तथा फोर्जिंग उद्योग को फोर्जिंग डाई रीजनरेशन और वेल्डिंग रोबोट रेंटल सर्विसेज जैसे वैल्यू-ऐडेड इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स सेक्टर की कंपनी कार्वर रोबोवेल्ड लिमिटेड का 28.29 करोड़ रुपये का आईपीओ कल सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च किया जाएगा। इस आईपीओ में निवेशक 30 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 2 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 3 नवंबर को अलॉटेड शेयर सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 4 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 76 रुपये से लेकर 80 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,600 शेयरों का है। रिटेल इंवेस्टर्स इस इश्यू में कम से कम 2 लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 2,56,000 रुपये का निवेश करना होगा। इसके अलावा छोटे एचएनआई (स्मॉल हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल) निवेशक कम से कम 3 लॉट यानी 4,800 शेयरों के लिए 3,84,000 रुपये तक की बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 35,36,000 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।
इस आईपीओ में मार्केट मेकर श्रेणी के लिए 1,77,600 शेयर अलग रखने के बाद नेट ऑफर में से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस पूरे इश्यू के लिए स्मार्ट होराइजन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी के मार्केट मेकर के रूप में भूमिका निभाएगी।
चूंकि यह आईपीओ 100 प्रतिशत फ्रेश इश्यू है, इसलिए नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए फंड में से 11.99 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी वेल्डिंग रोबोट की खरीद के लिए अपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसके अलावा 8.60 करोड़ रुपये का उपयोग बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कंपनी द्वारा लिए गए कर्जों की किस्तों के रीपेमेंट और प्रीपेमेंट के लिए किया जाएगा । इसके बाद बची हुई शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
कार्वर रोबोवेल्ड लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1.45 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 140 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 3.48 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 1.49 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 21.67 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 24.97 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 27.12 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 7.71 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में अब कमी देखने को मिल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 13.39 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 22.32 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में यह घटकर 15.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 12.27 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 21.59 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 32.69 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़त के साथ 38.26 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 39.45 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2.16 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़कर 3.61 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़कर 8.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 9.62 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेट वर्थ 3.11 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 4.56 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 16.13 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 17.62 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 4.12 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 4.92 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़ कर 8.36 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 2.84 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।