भारत सरकार ने हाल ही में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) का तीन साल की अवधि के लिए तत्काल प्रभाव से पुनर्गठन किया है। यह निर्णय भारतीय सिनेमा जगत में पारदर्शिता, सुशासन और सेंसरशिप की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक एवं संतुलित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। बोर्ड के इस नए स्वरूप से फिल्म उद्योग और दर्शकों दोनों को सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।
कुल सदस्य: पुनर्गठित सीबीएफसी में कुल 18 सदस्य शामिल किए गए हैं, जो देश के विभिन्न कलात्मक और सांस्कृतिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रसिद्ध हस्तियां: इस बोर्ड में भारतीय सिनेमा, संगीत और कला जगत के कई जाने-माने और प्रतिष्ठित चेहरों को जगह दी गई है।
प्रमुख नाम: बोर्ड के सदस्यों में विनोद अनुपम, मनोज जोशी, हंसराज हंस, प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, रिकी केज, सुनील शेट्टी, रूपाली गांगुली और प्रियदर्शन जैसी नामचीन हस्तियां शामिल हैं।
अधिसूचना: बोर्ड के पुनर्गठन से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी की गई थी, जिसके बाद यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।
सीबीएफसी देश में प्रदर्शित होने वाली फिल्मों के प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) के लिए सर्वोच्च निकाय है। इस नए पैनल में विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले अनुभवी कलाकारों, निर्देशकों और संगीतकारों की मौजूदगी से फिल्मों की समीक्षा प्रक्रिया और अधिक परिपक्व होने की उम्मीद है। आज के समय में ओटीटी के दौर और बदलते सामाजिक ताने-बाने के बीच फिल्मों की सामग्री (कंटेंट) को सही दिशा देना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में, इस अनुभवी बोर्ड का गठन सिनेमा के रचनात्मक स्वतंत्रता और सामाजिक मूल्यों के बीच एक बेहतर संतुलन स्थापित करने में मददगार साबित होगा।