अगर आपका स्मार्टफोन पहले की तुलना में धीमा हो गया है ऐप्स खुलने में समय लग रहा है या बार-बार हैंग होने लगा है तो इसके पीछे एक बड़ा कारण Bloatware हो सकता है. यह ऐसे प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स होते हैं जो फोन खरीदते समय ही उसमें मौजूद रहते हैं और अक्सर यूजर के किसी काम के नहीं होते. धीरे-धीरे यही ऐप्स फोन की स्पीड पर असर डालने लगते हैं.
जब फोन की मेमोरी और प्रोसेसिंग पावर का बड़ा हिस्सा अनचाहे ऐप्स इस्तेमाल करने लगते हैं तो जरूरी ऐप्स के लिए संसाधन कम पड़ जाते हैं. यही वजह है कि फोन में लैगिंग, फ्रीजिंग और बैटरी जल्दी खत्म होने जैसी समस्याएं दिखने लगती हैं. कई बार तो यूजर को लगता है कि फोन पुराना हो गया है जबकि असली वजह यही छिपे हुए ऐप्स होते हैं.
अक्सर लोग बिना सोचे-समझे सभी ऐप्स को रहने देते हैं लेकिन थोड़ी जांच करने पर पता चलता है कि कई ऐप्स महीनों से इस्तेमाल ही नहीं हुए. फोन की सेटिंग में जाकर आप देख सकते हैं कि कौन सा ऐप कितना डेटा और बैटरी खर्च कर रहा है. इससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन से ऐप्स जरूरी हैं और किन्हें हटाया जा सकता है.
फोन की स्पीड बढ़ाने के लिए सबसे पहले उन ऐप्स को अनइंस्टॉल करें जिनकी आपको जरूरत नहीं है. कुछ ऐप्स पूरी तरह हटाए नहीं जा सकते, ऐसे में उन्हें Disable करना बेहतर विकल्प होता है. इससे वे बैकग्राउंड में नहीं चलेंगे और सिस्टम पर लोड कम हो जाएगा. इसके अलावा समय-समय पर कैश क्लियर करना और फोन को अपडेट रखना भी जरूरी है.
सिर्फ ऐप्स हटाना ही काफी नहीं है बल्कि फोन को सही तरीके से इस्तेमाल करना भी जरूरी है. कम इस्तेमाल होने वाले ऐप्स को सीमित रखें, अनावश्यक फाइल्स को डिलीट करते रहें और बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स को बंद करें. इससे फोन की परफॉर्मेंस लंबे समय तक बेहतर बनी रहती है.
Bloatware को हटाना या कंट्रोल करना एक छोटा सा कदम लगता है लेकिन इसका असर काफी बड़ा होता है. इससे न सिर्फ फोन की स्पीड बढ़ती है बल्कि बैटरी लाइफ और स्टोरेज भी बेहतर हो जाता है. अगर आपका फोन भी स्लो हो गया है तो नया फोन खरीदने से पहले इन आसान तरीकों को जरूर आजमाएं.