लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की महत्वपूर्ण समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति की हैं. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को फिर से संसद की लोक लेखा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि बीजेपी के बैजयंत पांडा को सार्वजनिक उपक्रम समिति का चेयरपर्सन बनाया गया है.
एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को वर्ष 2026-27 के लिए लोक लेखा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है. इसी तरह बैजयंत पांडा को वर्ष 2026-27 के लिए सार्वजनिक उपक्रम समिति का अध्यक्ष बनाया है. 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 अप्रैल 2027 को समाप्त होने वाले कार्यकाल के लिए लोक लेखा समिति के सदस्य के रूप में कुल 21 सदस्यों की नियुक्ति की गई है.
कौन-कौन शामिल?
इन सदस्यों में 15 लोकसभा सांसद और 6 राज्यसभा सांसद शामिल हैं. लोकसभा से टीआर बालू, कल्याण बनर्जी, निशिकांत दुबे, जगदंबिका पाल, जय प्रकाश, रविशंकर प्रसाद, सीएम रमेश, मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी, अपराजिता सारंगी, अमर सिंह, तेजस्वी सूर्या, अनुराग सिंह ठाकुर, बालाशोवरी वल्लभनेनी, केसी वेणुगोपाल और यादव को चुना गया है.
राज्यसभा से कौन-कौन चुना गया?
वहीं राज्यसभा सांसद अशोकराव शंकरराव चव्हाण, के लक्ष्मण, प्रफुल्ल पटेल, सुखेंदु शेखर रे, अखिलेश प्रसाद सिंह और सुधांशु त्रिवेदी समिति में शामिल किए गए हैं. सार्वजनिक उपक्रम समिति में कुल 22 सदस्य हैं, जिनमें लोकसभा के 15 और राज्यसभा के 7 सांसदों को शामिल किया गया है. लोकसभा अध्यक्ष ने बीजेपी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस समिति में कुल 30 सदस्यों की नियुक्ति की गई है. इस समिति में लोकसभा से 20 सांसद और राज्यसभा से 10 सांसदों को रखा गया है.
ओम बिरला ने लोकसभा की एक वर्ष के लिए प्राक्कलन समिति का भी गठन किया है. बीजेपी सांसद संजय जायसवाल को प्राक्कलन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. इस समिति में भी लोकसभा से 20 और राज्यसभा से 10 सांसदों के साथ कुल 30 सदस्यों को नियुक्त किया गया है.