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मप्र के जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसे में लापरवाही आयी सामने, यात्रियों को नहीं दिए लाइफ जैकेट, रेस्क्यू में भी हुई देरी

Posted on: 2026-05-02
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मप्र के जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसे में लापरवाही आयी सामने, यात्रियों को नहीं दिए लाइफ जैकेट, रेस्क्यू में भी हुई देरी

भोपाल/जबलपुर, 02 मई। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी की चपेट में आकर डूब गया था। इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 29 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। लेकिन अभी भी तीन बच्चों सहित 4 लोग लापता हैं। इस हादसे में कई तरह की लापरवाही भी सामने आयी है। जिसके बाद प्रशासन ने मामले को लेकर जांच के आदेश दिए हैं और कई कर्मियों पर कार्रवाई की गई है।

सील पैक मिलीं लाइफ जैकेट, यात्रियों ने खुद निकालीं

शुक्रवार को सामने आए वीडियो में लापरवाही की तस्वीर साफ नजर आ रही है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बावजूद यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट के ही क्रूज पर चढ़ा दिया गया था। हादसे से बचे रोशन आनंद ने बताया कि किसी भी यात्री को पहले से लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब क्रूज डगमगाने लगा, तो लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी रही। बाद में यात्रियों ने खुद कैबिन में रखी सील पैक लाइफ जैकेट निकालीं और पहनने की कोशिश की।

हादसे के दो वीडियो भी सामने आए हैं। पहले वीडियो में पर्यटक म्यूजिक और मस्ती में डूबे नजर आते हैं, जिनमें से ज्यादातर ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी है। दूसरे वीडियो में मौसम का खतरनाक रूप दिखाई देता है, तेज हवा, आंधी और ऊंची लहरें क्रूज के अंदर तक घुस रही थीं। हालात बिगड़ते दिखने के बावजूद क्रूज को किनारे लाने की कोशिश नहीं की गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन में दो घंटे की देरी

हादसे के समय राहत कार्य में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। शाम 6 बजे क्रूज आंधी के कारण पलट गया। 6:15 बजे सूचना मिलने के बाद 6:40 बजे टीम रवाना हुई, लेकिन वाहन स्टार्ट नहीं हो पाया। इसके बाद संसाधनों को दूसरे वाहन में शिफ्ट किया गया। दूसरा दल शाम 7 बजे रवाना हुआ, जिससे बचाव कार्य में दो घंटे से ज्यादा की देरी हो गई।

47 लोग सवार, लेकिन सिर्फ 29 के टिकट

जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में यह क्रूज पर्यटकों से भरा हुआ था। इस पर करीब 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 यात्रियों के ही जारी किए गए थे। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ। उस समय हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक एसडीआरएफ की टीम ने कई लोगों को बचाया, लेकिन तेज हवा, अंधेरा और खराब मौसम के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आईं।

सेफ्टी ऑडिट के बाद ही मिलेगी संचालन की अनुमति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना के बाद बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए प्रदेश में सभी क्रूज, मोटर बोट और वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही सभी जल परिवहन साधनों का सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। सुरक्षा मानकों की पूरी समीक्षा के बाद ही दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

20 साल पुराना था क्रूज

पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में फिलहाल एक ही क्रूज संचालित हो रहा था, जिसे वर्ष 2006 में बनाया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी, जबकि एक अन्य क्रूज पहले से ही खराब हालत में पड़ा है। इस घटना के बाद प्रशासन ने प्रदेशभर में क्रूज संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

जांच के लिए बनी उच्च स्तरीय समिति

हादसे की विस्तृत जांच के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इसमें महानिदेशक, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, मध्यप्रदेश शासन के सचिव और जबलपुर संभाग के आयुक्त को शामिल किया गया है। समिति यह जांच करेगी कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया और संचालन में क्या खामियां रहीं। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कई अधिकारी-कर्मचारी हटाए गए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में बरती गई लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करते हुए क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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