अक्टूबर महीने की शुरुआत आम लोगों के
लिए महंगाई का नया झटका लेकर आई है। त्योहारों के सीजन में जहां उपभोक्ता खरीदारी
की तैयारी कर रहे हैं, वहीं
कई महत्वपूर्ण वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। कमर्शियल एलपीजी
सिलेंडर, एविएशन टर्बाइन
फ्यूल (एटीएफ), घरेलू
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और पासपोर्ट सेवाओं की लागत बढ़ने से होटल कारोबार, हवाई यात्रा और
घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
त्योहारी
ऑफर्स और डिस्काउंट के बावजूद कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी ग्राहकों के बजट को
प्रभावित कर सकती है। वहीं इसके अतिरिक्त,
अगर
आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने की योजना बना रहे
हैं, तो अब इसके लिए
अधिक खर्च करना पड़ सकता है। सरकार ने सामान्य श्रेणी के पासपोर्ट आवेदन शुल्क में
वृद्धि की है। नई व्यवस्था के तहत पासपोर्ट बनवाने की लागत में 1,000 रुपए तक की
बढ़ोतरी की गई है। इससे विदेश यात्रा,
शिक्षा
या रोजगार के लिए आवेदन करने वाले लोगों की लागत बढ़ेगी। अक्टूबर और नवंबर का समय
आमतौर पर त्योहारों, शादी-विवाह
और यात्रा के लिहाज से सबसे व्यस्त सीजन माना जाता है। ऐसे में गैस सिलेंडर, हवाई ईंधन और
इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का असर व्यापक रूप से दिखाई दे सकता
है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे माल और ऊर्जा की लागत ऊंची बनी रहती है, तो आने वाले समय
में अन्य उत्पादों और सेवाओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल त्योहारों
के बीच उपभोक्ताओं को खरीदारी और यात्रा की योजना बनाते समय बढ़ी हुई लागत को
ध्यान में रखना होगा। कुल मिलाकर, अक्टूबर
की शुरुआत ने आम उपभोक्ताओं, व्यापारियों
और यात्रियों के लिए खर्च बढ़ाने वाले कई बदलाव लेकर आई है, जिससे त्योहारी
सीजन के दौरान बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।