दिल को स्वस्थ रखने के लिए अक्सर बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से धमनियों में चर्बी जमा होने लगती है, जिससे खून का प्रवाह प्रभावित होता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, दिल की बीमारियों के लिए केवल कोलेस्ट्रॉल ही जिम्मेदार नहीं है। हमारी रोजमर्रा की आदतें, खानपान और जीवनशैली से जुड़े कई अन्य कारण भी दिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे छह कारणों के बारे में, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
पहला कारण है हाई ब्लड प्रेशर। लंबे समय तक रक्तचाप बढ़ा रहने से दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे हृदय की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है और हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर तथा स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। दूसरा कारण है डायबिटीज। खून में लंबे समय तक शुगर का स्तर अधिक रहने से रक्त वाहिकाओं और नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
तीसरा कारण है धूम्रपान और तंबाकू का सेवन। सिगरेट और तंबाकू में मौजूद हानिकारक पदार्थ रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, खून के थक्के बनने की आशंका बढ़ाते हैं और दिल तक ऑक्सीजन पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। चौथा कारण है शारीरिक गतिविधियों की कमी। लंबे समय तक बैठे रहना, व्यायाम न करना और सक्रिय जीवनशैली से दूरी बनाना मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए रोजाना पैदल चलना और नियमित व्यायाम करना जरूरी है।
पांचवां कारण है लगातार तनाव और नींद की कमी। लंबे समय तक मानसिक तनाव में रहने और पर्याप्त नींद नहीं लेने से रक्तचाप, हार्मोन और शरीर की चयापचय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसका असर दिल की सेहत पर भी पड़ता है। छठा कारण है अस्वस्थ खानपान और मोटापा। ज्यादा नमक, चीनी, तले हुए खाद्य पदार्थ और अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन का सेवन वजन बढ़ाने के साथ-साथ दिल की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा सकता है।
इसलिए दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना पर्याप्त नहीं है। रक्तचाप और ब्लड शुगर पर नजर रखना, संतुलित आहार लेना, धूम्रपान से दूर रहना, नियमित व्यायाम करना और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। यदि सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अचानक ठंडा पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। सही समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।