सर्दियों
का मौसम आते ही बाजारों में हरी-भरी सब्जियों की भरमार हो जाती है। इस मौसम में
मूली सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली सब्जियों में से एक है। मूली का इस्तेमाल सलाद, पराठे, सब्जी
और रायता बनाने में किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी मूली का चटपटा और मसालेदार
अचार बनाकर खाया है? अगर नहीं, तो इस
सर्दी आप घर पर आसानी से मूली का स्वादिष्ट अचार तैयार कर सकते हैं। खास बात यह है
कि इसे बनाने के लिए ज्यादा मेहनत या महंगी सामग्री की जरूरत नहीं होती। रसोई में
मौजूद कुछ मसालों की मदद से ऐसा अचार तैयार किया जा सकता है, जो आपके साधारण भोजन का स्वाद भी कई गुना बढ़ा देगा। दाल
ढोकली का नया अंदाज, आसान रेसिपी से जीतें मूली का
अचार खासतौर पर उन लोगों को पसंद आता है, जिन्हें खाने के
साथ कुछ तीखा, खट्टा और चटपटा खाने का शौक होता है। इसे
दाल-चावल, रोटी, पराठे और खिचड़ी के
साथ परोसा जा सकता है। सर्दियों में ताजी मूली आसानी से उपलब्ध होने के कारण यह
अचार बनाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है। मूली का अचार बनाने के लिए जरूरी
सामग्री - मूली – 500 ग्राम - सरसों का तेल – 4 से 5 बड़े चम्मच - पीली सरसों या राई – 2 बड़े चम्मच - सौंफ – 1 बड़ा चम्मच सादगी
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- हल्दी पाउडर – 1 छोटा चम्मच - लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच - नमक – स्वादानुसार - हींग – 1 चुटकी -
नींबू का रस – 2 बड़े चम्मच - अजवाइन – आधा छोटा चम्मच इन
सामग्रियों की मदद से घर पर स्वादिष्ट मूली का अचार बनाया जा सकता है। तीखापन पसंद
करने वाले लोग लाल मिर्च की मात्रा बढ़ा सकते हैं। वहीं हल्का स्वाद पसंद करने
वाले लोग मिर्च की मात्रा कम रख सकते हैं। मूली का अचार बनाने की आसान विधि Also
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खतरनाक पहला चरण: मूली को अच्छी तरह साफ करें सबसे पहले ताजी और सख्त मूली लें।
इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोकर मिट्टी हटा दें। इसके बाद मूली के छिलके उतार
लें और लंबी-पतली फांकों या छोटे टुकड़ों में काट लें। ध्यान रखें कि मूली के
टुकड़े बहुत मोटे न हों, क्योंकि इससे मसाले अच्छी तरह नहीं
लग पाते। सभी टुकड़ों का आकार लगभग एक जैसा रखें। दूसरा चरण: मूली की अतिरिक्त नमी
निकालें कटी हुई मूली को साफ कपड़े पर फैलाएं और अतिरिक्त पानी सूखने दें। चाहें
तो हल्का नमक लगाकर 20 से 30 मिनट के
लिए रख सकते मूली से निकले पानी को अलग कर दें और टुकड़ों को
अच्छी तरह पोंछ लें। अचार बनाते समय अतिरिक्त नमी कम रखना जरूरी है, क्योंकि पानी रहने से अचार जल्दी खराब हो सकता है। तीसरा चरण: मसालों को
तैयार करें अब एक छोटी कड़ाही में सौंफ, सरसों और मेथी दाना
डालकर धीमी आंच पर हल्का भून लें। मसालों से खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें।
इन्हें ठंडा करके दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि मसालों को बिल्कुल बारीक पाउडर
नहीं बनाना है। दरदरे मसाले अचार को अच्छा स्वाद और बनावट देते हैं। चौथा चरण:
सरसों का तेल गर्म करें एक कड़ाही में सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। जब
तेल से हल्का धुआं उठने लगे तो गैस बंद कर दें। तेल को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके
बाद उसमें हींग, हल्दी, लाल मिर्च और
तैयार किए गए दरदरे मसाले मिलाएं। मसालों को अच्छी तरह मिलाने के बाद उनमें मूली
के टुकड़े डाल दें। पांचवां चरण: नींबू और नमक मिलाएं अब मूली और मसालों के मिश्रण
में स्वादानुसार नमक तथा नींबू का रस मिलाएं। सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाएं,
ताकि मूली के प्रत्येक टुकड़े पर मसाले की परत चढ़ जाए। इसके बाद
मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें और साफ, सूखे कांच के जार
में भर दें। कितने दिनों में तैयार होगा मूली का अचार? मूली
का अचार मसाले मिलाते ही खाया जा सकता है, लेकिन इसे 12
से 24 घंटे रखने पर मसालों का स्वाद मूली में
बेहतर तरीके से समा जाता है। इस दौरान जार को बीच-बीच में हल्का हिला सकते हैं,
ताकि मसाले सभी टुकड़ों पर समान रूप से लग जाएं। मूली में स्वाभाविक
रूप से पानी की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इस आसान विधि से बने अचार को लंबे समय
तक कमरे के तापमान पर रखने के बजाय फ्रिज में रखें। बेहतर स्वाद और गुणवत्ता के
लिए इसे लगभग 5 से 7 दिनों के भीतर
इस्तेमाल करना उचित है। मूली का अचार खाने के फायदे मूली में फाइबर, विटामिन सी, पोटैशियम और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते
हैं। यह कम कैलोरी वाली सब्जी है और संतुलित आहार का हिस्सा बन सकती है। मूली में
मौजूद फाइबर सामान्य पाचन क्रिया को सहारा देता है। वहीं विटामिन सी शरीर की
सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में योगदान करता है। हालांकि, अचार में नमक और तेल का इस्तेमाल होता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में
खाना बेहतर है। विशेष रूप से उच्च रक्तचाप या कम सोडियम वाला आहार लेने वाले लोगों
को अचार की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए। मूली का अचार बनाते समय रखें ये खास
सावधानियां मूली का अचार बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मूली को
धोने के बाद अच्छी तरह सुखाएं और अचार रखने के लिए पूरी तरह साफ तथा सूखे कांच के
जार का इस्तेमाल करें। अचार निकालने के लिए हमेशा सूखा और साफ चम्मच इस्तेमाल
करें। गीला चम्मच डालने से अचार जल्दी खराब हो सकता है। यदि अचार में फफूंद दिखाई
दे, अजीब गंध आने लगे या खराब होने के संकेत मिलें, तो उसे खाने से बचें। केवल तेल, नमक और नींबू मिलाने
से अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं मिलती। पराठे और दाल-चावल के
साथ बढ़ाएगा खाने का स्वाद सर्दियों में गर्मागर्म आलू के पराठे, मूली के पराठे या सादी रोटी के साथ मूली का अचार बेहद स्वादिष्ट लगता है।
इसके अलावा दाल-चावल, खिचड़ी और पूरी के साथ भी इसे परोसा जा
सकता है। बाजार में मिलने वाले अचार के मुकाबले घर पर इसे बनाते समय आप नमक,
तेल और मसालों की मात्रा अपनी पसंद के अनुसार नियंत्रित कर सकते
हैं। इस सर्दी अगर आप रोजाना के खाने में कुछ नया स्वाद जोड़ना चाहते हैं, तो मूली का यह चटपटा अचार जरूर आजमाएं। कम सामग्री और आसान विधि से तैयार
होने वाला यह अचार आपके खाने को और भी स्वादिष्ट बना सकता है।