केंद्र सरकार ने पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत छात्रवृत्ति का लाभ उठाने के लिए आधार प्रमाणीकरण या आधार नंबर होने का प्रमाण देना अनिवार्य कर दिया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन के तहत विशेष छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों को, जो कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा जारी रखने के लिए सहायता प्रदान करती है, आधार प्रमाणीकरण करवाना होगा या आधार नंबर होने का प्रमाण देना होगा।
अधिसूचना में कहा गया है कि आधार कार्ड प्रमाणित न होने या आधार नंबर आवंटित न होने के कारण किसी भी बच्चे को सहायता से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में, बच्चे की पहचान सत्यापित करने और अधिसूचना में निर्दिष्ट दस्तावेजों के माध्यम से माता-पिता या कानूनी अभिभावक के साथ संबंध स्थापित करने के बाद ही लाभ प्रदान किया जाएगा। हमारे संवाददाता के पास इसकी विस्तृत जानकारी है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में 18 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों और 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लाभार्थियों के लिए अलग-अलग दस्तावेज़ों की आवश्यकता बताई गई है जिन्हें आधार नंबर आवंटित नहीं किया गया है। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे नामांकन आईडी वाली नामांकन पावती और अपनी आयु प्रमाणित करने वाले दस्तावेज़, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, भारतीय पासपोर्ट या किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी कक्षा 10वीं या कक्षा 12वीं का प्रमाण पत्र या अंक विवरण प्रस्तुत करके अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।
18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों के लिए, अधिसूचना में निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों के साथ-साथ अन्य निर्दिष्ट पहचान दस्तावेजों की सूची दी गई है। अधिसूचना में आधार प्रमाणीकरण विफल होने की स्थिति में, जहां भी संभव हो, बायोमेट्रिक या एक बार के पासवर्ड आधारित सत्यापन सहित वैकल्पिक प्रमाणीकरण विधियों का भी प्रावधान है।